…..और गया बना बिहार का पहला मॉडल शतरंज जिला।

विद्यालयों में शतरंज को शामिल किए जाने का प्रथम सफल प्रयास बिहार के गया जिले में धरातल पर उतर आया। गया जिला शतरंज संघ, गया जिला प्रशासन और गया जिले के शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान तथा खेल पदाधिकारी मो. शमीम की निगरानी में जिले के सभी विद्यालयों के एक-एक प्रतिनिधि शिक्षक को शतरंज प्रशिक्षण दिया गया। जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में शतरंज प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए। प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों से एक एक प्रतिनिधि शिक्षक को आमंत्रित किया गया। औसतन एक केंद्र पर 50 शिक्षकों को शतरंज प्रशिक्षकों द्वारा शतरंज के आधारभूत नियमों और खेल की विधियों से अवगत कराया गया। शिक्षा विभाग की तरह से सभी विद्यालयों में स्टैंडर्ड शतरंज बोर्ड और गोटियों की खरीद सुनिश्चित करवाने का आश्वासन भी दिया गया है।

इस तरह तीन दिनों की इस मैराथन शतरंज प्रशिक्षण कार्यक्रम में गया जिले के सभी 24 प्रखंडो के तकरीबन 1200 शिक्षकों को शतरंज प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षण दिए गए। ये शिक्षक अब आगे अपने विद्यालय के छात्रों को शतरंज सिखाने का कार्य करेंगे। 1200 शिक्षकों द्वारा यदि 10 छात्रों को भी शतरंज की शिक्षा/जानकारी दी गई तो शतरंज के जानकारों की संख्या बहुत जल्द हज़ारों में होगी। एक सुनियोजित और योजनाबद्ध तरीके से शतरंज को जमीन पर उतारने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह अबतक का पहला ज्ञात कार्यक्रम है।

इस शानदार पहल के लिये गया के जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह महोदय को अखिल बिहार शतरंज संघ की ओर से बहुत बहुत बधाई। इस भगीरथ प्रयास के लिए गया जिला शतरंज संघ ,इसके ऊर्जावान अधिकारियों और सभी प्रशिक्षकों को बहुत बहुत बधाई और धन्यवाद। पूरे मुहिम को नेतृत्व देने वाले गया जिले के शतरंज संघ अध्यक्ष श्री जयप्रकाश सिन्हा को विशेष धन्यवाद।

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