शतरंज़ का खेल / Game of CHESS

प्रत्येक खिलाड़ी के नियंत्रण में रंगीन मोहरों के दो में से एक सेट होता है और इसका नाम खिलाड़ी के संबंधित मोहरों के रंग पर होता है अर्थात सफेद या काला. सफेद मोहरों की चलने की बारी पहली होती है और जैसा कि अधिकतर बिसात खेलों में होता है, एक खिलाड़ी के बाद दूसरा खिलाड़ी चलता है।

चाल चलना अनिवार्य होता है; चाल चलने से बचना यानि “पास” होना वैध नहीं होता है। यहां तक कि तब भी जब चाल चलना खिलाड़ी के लिए जरूरी है, जब उसके लिए यह खतरनाक हो।

खेल, बादशाह के शह पाकर मात होने, किसी खिलाड़ी के हार मान लेने अथवा खेल ड्रॉ घोषित होने तक जारी रहता है। इसके अतिरिक्त, यदि खेल नियंत्रित समय के अंतर्गत खेला जा रहा हो तो जो खिलाड़ी समय सीमा का उल्लंघन करेगा, उसकी हार हो जाएगी.

शतरंज के औपचारिक नियमों में, कौन सा खिलाड़ी सफेद मोहरों से खेलेगा, यह तय नहीं होता है। बजाए इसके, यह फैसला टूर्नामेंट के अपने विशिष्ट नियमों (उदाहरण के लिए, स्विस प्रणाली टूर्नामेंट अथवा राउंड-रोबिन टूर्नामेंट) के अधीन होता है।

अथवा गैर-प्रतियोगी खेल की स्थिति में यह खिलाड़ियों की आपसी सहमति पर निर्भर करता है, कुछ स्थितियों में ऐच्छिक चयन का सहारा भी लिया जाता है।

TOPIC : 01.01.02 प्रारंभिक सज्जा (BASIC SETUP)

शतरंज को शतरंज के बिसात पर खेला जाता है जो एकांतर रंगों के 64 वर्गों (8×8) में बंटा हुआ एक वर्गाकार बोर्ड होता है जो ड्राफ्ट्स (चेकर्स) के खेल में प्रयुक्त होने वाले बोर्ड जैसा होता है। बिसात के वास्तविक रंग चाहे कोई भी हों, हल्के रंग वाले वर्ग ‘लाइट’ अथवा ‘सफेद’ तथा गहरे रंग वाले वर्ग ‘डार्क’ अथवा ‘काले’ कहलाते हैं। 16 “सफेद” और 16 “काले” मोहरे बिसात पर, खेल की शुरुआत में, रखे जाते हैं। बिसात इस प्रकार बिछाया जाता है कि एक सफेद वर्ग प्रत्येक खिलाड़ी के दाहिने कोने में पड़े और एक काला वर्ग बाएं कोने में. [White on Right ] प्रत्येक खिलाड़ी का निकटतम दायां वर्ग सफेद होना चाहिए।

मोहरा का नाम और संख्या
प्रत्येक खिलाड़ी के अधिकार में 16 मोहरे होते हैं।

1) राजा/बादशाह/King [ K ] = 1
2) मंत्री/वज़ीर/रानी/Queen [ Q ] = 1
3) हाथी / किश्ती/ Rook [ R ] = 2
4) ऊँट / फील/ Bishop [ B ] = 2
5) घोड़ा / kNight [ N ] = 2
6) सैनिक / सिपाही / प्यादा / pawn [ ] = 8

खिलाड़ी की ओर से दूसरी पंक्ति में 8 प्यादे होते हैं; खिलाड़ी की निकटतम पंक्ति में बाकी मोहरे होते हैं। मोहरों की व्यवस्था को याद रखने के लिए लोकप्रिय वाक्यांश “हर कोने से हाथी, घोड़ा, ऊँट” है जो प्राय: नए खिलाड़ियों में प्रचलित होते हैं “क्वीन ऑन ओन कलर” (“queen on own color”) है।